जयपुर, 3 अप्रेल।
विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रहे निर्दलीय सांसद किरोड़ीलाल मीणा को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस संदेश यात्रा के पहले चरण में ही बड़ी जनसभाएं कर उनके गढ़ में चुनौती दे दी है। किरोड़ीलाल मीणा के गृहक्षेत्र में कांग्रेस की सभाओं में पिछले चार वर्ष में इतनी भीड़ नहीं आई थी। करीब 10 विधानसभा क्षेत्रों के मतदाताओं को प्रभावित कर रही इस यात्रा में आ रही भीड़ ने कांग्रेस को जीवनदान दिया है। गत बार इनमें से कांग्रेस के पास 3 सीट ही थी। कांग्रेस संदेश यात्रा के पहले दो दिनों में पूर्वी राजस्थान में पार्टी को मिले अप्रत्याशित जन समर्थन ने डांग क्षेत्र के राजनीतिक
विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रहे निर्दलीय सांसद किरोड़ीलाल मीणा को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस संदेश यात्रा के पहले चरण में ही बड़ी जनसभाएं कर उनके गढ़ में चुनौती दे दी है। किरोड़ीलाल मीणा के गृहक्षेत्र में कांग्रेस की सभाओं में पिछले चार वर्ष में इतनी भीड़ नहीं आई थी। करीब 10 विधानसभा क्षेत्रों के मतदाताओं को प्रभावित कर रही इस यात्रा में आ रही भीड़ ने कांग्रेस को जीवनदान दिया है। गत बार इनमें से कांग्रेस के पास 3 सीट ही थी। कांग्रेस संदेश यात्रा के पहले दो दिनों में पूर्वी राजस्थान में पार्टी को मिले अप्रत्याशित जन समर्थन ने डांग क्षेत्र के राजनीतिक
समीकरण बदलने के संकेत देने शुरू कर दिए हैं। मीणा और गुर्जर बाहुल्य क्षेत्रों में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की जनसभाओं में 20-20 हजार लोगों की भीड़ 6-7 घंटों के इंतजार के बाद भी उन्हें सुनने के लिए डटी रही। मुख्यमंत्री गहलोत के समर्थन में उमड़े सैलाब को देखकर पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के लिए घाटे का सौदा रहे डांग क्षेत्र में इस बार सीटों के बढऩे की उम्मीद जताई जा रही है।
खास बात यह भी है कि यह भीड़ उन क्षेत्रों में अधिक दिखाई दी है, जहां निर्दलीय सांसद किरोड़ीलाल मीणा का खास प्रभाव माना जाता है। यह क्षेत्र पिछले कुछ चुनावों से कांगे्रस का मजबूत गढ़ नही रह गया था। इसमें दौसा, भण्डाना, सूरतपुरा, मण्डावरी, पच्काधोरा, खेमावास, नगरियावास, हिण्डौन, लालसोट, करौली, श्रीमहावीरजी जैसे महत्वपूर्ण गांवों को समेटे 10 विधानसभा क्षेत्र हैं। गत विधानसभा चुनाव में इनमें से कांग्रेस को तीन सीट ही मिली थी। हालांकि इस भीड़ के बावजूद यह माना जा रहा है कि बीपीएल आवास, एक रुपए किलो गेहूं, नि:शुल्क दवा जैसी योजनाओं का प्रचार कर कांग्रेस ने यह भीड़ जुटाई है और संदेश यात्रा से पूर्व बीपीएल आवास योजना के चैक वितरण का कार्यक्रम रखकर इसके लिए माहौल बनाया गया लेकिन इस भीड़ ने इस बात को भी पुष्ट करने की राजनीतिक बहस छेड़ दी है कि वैसे तो बीपीएल वर्ग कांग्रेस का मजबूत वोट बैंक रहा है लेकिन सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं ने मध्यम वर्ग को भी आगामी चुनाव में काफी हद तक अशोक गहलोत के साथ जोड़ दिया लगता है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान प्रदेश कांग्रेस की संदेश यात्रा का 30 मार्च को आगाज किया था। जब उन्हें देखने और सुनने के लिए बस्सी में जन समुदाय उमड़ पड़ा तो कांग्रेस की बांछे खिल गई। कांग्रेस संदेश यात्रा के दौरान हिण्डौन उपखण्ड मुख्यालय में आयोजित आम सभा में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य एवं केन्द्र सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं एवं राज्य में संचालित विभिन्न 15 फ्लैगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन एवं उपलब्धियों की जानकारी गांव, गली और मोहल्लों के लोगों तक पहुंचाने की आम कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधियों एवं अग्रिम संगठनों के सदस्यों से अपील की तो लग गया कि कांग्रेस इस बार विकास को मुद्दा बनाकर चुनाव लड़ेगी।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का लालसोट में जगह-जगह आतिशबाजी, ढोल-नगाडों के बीच साफा बांधकर और माला पहनाकर स्वागत किया गया। लालसोट शहर में सड़क के दोनों किनारों पर कतारबद्घ लोगों ने रात 11 बजे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का दौसा-सवाई माधोपुर बॉर्डर पर भव्य स्वागत किया गया। ग्रामीण उनके स्वागत के लिए कई घंटों तक सड़कों पर कतारबद्घ खडे रहे। कांग्रेस संदेश यात्रा का करौली जिले में विभिन्न स्थानों पर जोरदार स्वागत किया गया। संदेश यात्रा करौली जिले के श्रीमहावीर जी से रवाना होकर हिण्डौन पहुंची और हिण्डौन के बाद करौली एवं कैलादेवी में संदेश यात्रा के कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में हजारों की तादाद में लोगों ने हिस्सा लिया और संदेश यात्रा जिन गांव, कस्बों से गुजरी वहां लोगों ने संदेश यात्रा की शानदार अगवानी की।
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